दिल्ली गोल्फ़ क्लब छह दशकों से ज़्यादा समय से इंडियन गोल्फ़ का घर रहा है, जब इसने 1965 में अपना पहला इंटरनेशनल इवेंट इंडियन ओपन आयोजित किया था। इसलिए इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है कि इसे लगातार दूसरी बार रिकॉर्ड बनाने वाली US$ 4 मिलियन की डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप की मेज़बानी के लिए चुना गया है।
यह ऐतिहासिक वेन्यू 15 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक दुनिया के बड़े-बड़े गोल्फ़ खिलाड़ियों का स्वागत करने के लिए तैयार है। दुनिया भर के कई स्टार खिलाड़ी डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप में खेलने के लिए तैयार हैं। इस प्रतिष्ठित इवेंट के टिकट अब ‘डिस्ट्रिक्ट बाय ज़ोमैटो’ पर बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।
US$4 मिलियन की इनामी राशि वाले इस टूर्नामेंट में रॉरी मैकल्रॉय और मौजूदा चैंपियन टॉमी फ्लीटवुड की वापसी हो रही है, साथ ही कई मेजर चैंपियन के शामिल होने से दिल्ली गोल्फ़ क्लब की लोकप्रियता और बढ़ गई है।
यह भारत और एशिया में अब तक का सबसे मज़बूत खिलाड़ियों का समूह है जहां 2025 में खेलने वाले कई खिलाड़ी वापस आ रहे हैं, वहीं एरन रॉय, रयान फॉक्स, पैट्रिक रीड और जस्टिन रोज़ जैसे मेजर चैंपियन के जुड़ने से खिलाड़ियों का यह समूह और भी मज़बूत हो गया है।
मैकल्रॉय के साथ-साथ, पैट्रिक रीड – जो डीपी वर्ल्ड द्वारा प्रस्तुत ‘रेस टू दुबई रैंकिंग्स’ में अभी सबसे आगे हैं – एक पूर्व मास्टर्स चैंपियन हैं; फॉक्स मौजूदा 2026 ओपन विजेता हैं, जबकि रॉय ने 2026 पीजीए चैंपियनशिप जीती थी। रोज़ पूर्व यूएस ओपन विजेता और 2016 ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट हैं।
दो बार के मास्टर्स चैंपियन रॉरी मैकल्रॉय, जो इस खेल के इतिहास में सभी मेजर टूर्नामेंट जीतने वाले और इस तरह ‘करियर स्लैम’ हासिल करने वाले केवल छह खिलाड़ियों में से एक हैं, इस टूर्नामेंट के मुख्य आकर्षण होंगे। डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप में मौजूदा चैंपियन टॉमी फ्लीटवुड, पूर्व ओपन विजेता शेन लोरी, पूर्व फेडेक्स कप विजेता विक्टर होवलैंड और यूरोपियन राइडर कप के कप्तान और पूर्व वर्ल्ड नंबर वन ल्यूक डोनाल्ड भी शामिल हैं।
इतने मज़बूत खिलाड़ियों की मौजूदगी का दिल्ली गोल्फ़ क्लब के जूनियर खिलाड़ियों और भारत के कोने-कोने से आने वाले कई अन्य लोगों पर गहरा असर पड़ेगा। आजकल ज़्यादातर गोल्फ़ कोर्स में दिखने वाले खुले-खुले और मॉडर्न फेयरवे से बिल्कुल अलग, दिल्ली गोल्फ़ क्लब अपने घने जंगलों और मुश्किल ‘रफ़’ (ऊबड़-खाबड़ घास वाले हिस्से) की वजह से एक चुनौती पेश करता है। गोल्फ़ खेलने वाले इसे प्यार से “द जंगल” भी कहते हैं।
220 एकड़ में फैला दिल्ली गोल्फ़ क्लब, भारतीय गोल्फ़ का एक जीता-जागता म्यूज़ियम है। दुनिया के बड़े-बड़े गोल्फ़ खिलाड़ियों ने इसके तंग और मुश्किल फेयरवे और ग्रीन्स पर अपना हुनर और टैलेंट दिखाया है। यहाँ मॉडर्न खेल के साथ-साथ सदियों पुराना इतिहास भी देखने को मिलता है। 1928 में बना दिल्ली गोल्फ़ क्लब जंगलों, मक़बरों, स्मारकों और शानदार इमारतों के बीच बसा है। 1950 में यह एक कॉर्पोरेट संस्था बना और 1964 में इसने पहला इंडियन ओपन होस्ट किया, जो भारत में प्रोफ़ेशनल गोल्फ़ खिलाड़ियों के लिए पहला इंटरनेशनल टूर्नामेंट था।
पाँच बार ओपन चैंपियन रहे मशहूर ऑस्ट्रेलियाई गोल्फ़र पीटर थॉमसन ने न सिर्फ़ डीजीसी में आकर खेला और तीन बार जीत हासिल की, बल्कि 1970 के दशक के आखिर में इसके मुख्य लेआउट को नए सिरे से डिज़ाइन भी किया।
कई दशकों बाद, 2019 में मशहूर गैरी प्लेयर डिज़ाइन स्टूडियो ने इसे नया रूप दिया। उन्होंने फेयरवे को नए आकार में ढाला, नए और शानदार बंकर बनाए और कई लेवल वाले ग्रीन्स तैयार किए, ताकि यह कोर्स वर्ल्ड-क्लास बना रहे। डीजीसी ने कई इंटरनेशनल इवेंट्स होस्ट किए हैं, लेकिन किसी ने भी गोल्फ़ फ़ैन्स का दिल उतना नहीं जीता जितना डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप ने जीता। यह चैंपियनशिप एक बार फिर इस वेन्यू पर लौट रही है, जिसमें ऐसे चैंपियन हिस्सा ले रहे हैं जो शायद ही कभी किसी ‘मेजर’ टूर्नामेंट के अलावा कहीं और एक साथ दिखते हों। कोच बताते हैं कि जब भी इस इवेंट के लिए किसी नए वर्ल्ड स्टार के आने की पुष्टि होती है, तो ड्राइविंग रेंज और पुटिंग ग्रीन्स पर ज़्यादा युवा खिलाड़ी पहुँचने लगते हैं।
ड्राइविंग रेंज को तैयार किया जा रहा है, जो असल में ‘बी’ कोर्स का 8वाँ होल है और जहाँ कई जूनियर खिलाड़ियों ने खेल की बारीकियां सीखी हैं, साथ ही चारों ओर ग्रीन्स को भी बेहतर बनाया जा रहा है। एक नया कैफ़े, नए सिरे से तैयार किया गया शॉर्ट-गेम एरिया और ऐसे रास्ते जहाँ हज़ारों लोग दुनिया के बड़े खिलाड़ियों के साथ चल सकेंगे – ये सब तैयार किया जा रहा है। इवेंट में अब बस एक हफ़्ता ही बचा है, इसलिए हर तरफ़ उत्साह का माहौल है। भारतीय गोल्फ़ में पहले कभी न देखी गई बात यह है कि टिकट तेज़ी से बिक गए हैं और मैकलरॉय, फ्लीटवुड, रोज़ और दूसरे खिलाड़ियों को देखने के लिए लोगों में ज़बरदस्त होड़ मची है।
डीजीसी में वर्ल्ड-क्लास सुविधाएँ मिलती हैं। यहाँ अब नए सिरे से अपग्रेड की गई, अत्याधुनिक ड्राइविंग रेंज और शॉर्ट-गेम प्रैक्टिस के लिए एक खास एरिया भी है। यहाँ की हॉस्पिटैलिटी शानदार है, जहाँ इंटरनेशनल खाने के साथ-साथ बेहतरीन और ‘शुद्ध’ भारतीय खाना भी मिलता है। इसके अलावा, यहाँ मशहूर ‘पब’, क्लब के बड़े लॉन, स्विमिंग पूल, पूरी सुविधाओं वाला फ़िटनेस सेंटर और एक प्रीमियम प्रो शॉप भी है। डीजीसी सिर्फ़ गोल्फ़ खेलने की जगह से कहीं ज़्यादा है। भारत के सबसे शानदार त्योहार ‘दिवाली’ से कुछ हफ़्ते पहले होने वाला डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप एक बार फिर दिल्ली के स्पोर्ट्स फ़ैन्स और यहाँ आने वाले सभी लोगों का दिल जीतने के लिए तैयार है।













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