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इंडियन रिट्स एसोसिएशन ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया

इंडियन रिट्स एसोसिएशन (आईआरए) ने आज जयपुर में पहला रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (रिट)  जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसका उद्देश्य निवेशकों में रिट की समझ बढ़ाने और निवेश के एक विकल्प के रूप में इसकी क्या भूमिका है, यह जानकारी देना था। यह कार्यक्रम रिट के बारे में जागरूकता बढ़ाने और निवेशकों को इस निवेश के इस विकल्प को बेहतर तरीके से समझने में मदद करने के लिए चल रहे आईआरए के प्रयासों का हिस्सा है।

भारत में 2019 में पहला रिट  प्रारंभ हुआ था। इसके बाद से अब तक इस क्षेत्र में के दायरे में विस्तार हुआ है। अब भारत में छह रिट शेयर बाजार में सूचीबद्ध हैं, ब्रुकफील्ड इंडिया रियल एस्टेट ट्रस्ट, एम्बेसी ऑफिस पार्क्स रिट, नॉलेज रियल्टी ट्रस्ट, माइंडस्पेस बिजनेस पार्क्स रिट, नेक्सस सेलेक्ट ट्रस्ट और बागमाने प्राइम ऑफिस रिट।

कार्यक्रम में माइंडस्पेस रिट के फंडिंग और विलय एवं अधिग्रहण विभाग के प्रमुख केदार कुलकर्णी ने कहा, “रिट एक ऐसा निवेश उत्पाद है, जिसकी नियमों के तहत निगरानी होती है। ये रिट ऑफिस की इमारतों और शॉपिंग सेंटर जैसी ऐसी व्यावसायिक संपत्तियों के मालिक होते हैं। यह इन इमारतों का संचालन करता है। इनसे नियमित किराए के रूप में कमाई होती है।  किराए के रूप में होने वाली इस कमाई का एक हिस्सा निवेशकों को दिया जाता है। शेयरों की तरह रिट की इकाइयां भी शेयर बाजार में सूचीबद्ध होती हैं। इनकी खरीद-बिक्री की जा सकती है।  निवेशकों के लिए इनमें निवेश करना आसान होता है।

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के नियमों के अनुसार, शेयर बाजार में सूचीबद्ध रिट को  निवेशकों को बांटने योग्य शुद्ध नकद आय का कम से कम 90% हिस्सा इसकी यूनिट में निवेश करने वाले निवेशकों को देना जरूरी है। नियमों के तहत यह भुगतान साल में कम से कम दो बार करना होता है। हालांकि, भारत के सभी छह रिट इस समय हर तिमाही में ही निवेशकों को भुगतान कर रहे हैं।”

कार्यक्रम में नॉलेज रियल्टी ट्रस्ट के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) और इंडियन रिट्स एसोसिएशन की कार्यकारी समिति के सदस्य नीरज तोषनीवाल ने कहा, “निवेश के अलग-अलग विकल्पों के अलग-अलग फायदे और लक्ष्य होते हैं। फिक्स्ड डिपॉजिट स्थिरता देता है।  शेयरों में लंबे समय में पैसा बढ़ने की संभावना होती है। रिट निवेशकों को नियमित भुगतान

के जरिए आय देने के साथ-साथ निवेश की गई रकम के मूल्य में बढ़ोतरी की संभावना भी देता है। इसलिए निवेशकों के लिए अपने निवेश को अलग-अलग जगह बांटने के लिहाज से यह एक उपयोगी विकल्प हो सकता है।

जयपुर पहले से ही एक विकसित वित्तीय निवेश बाजार है। यहां ऐसे निवेशकों की संख्या बढ़ रही है, जो निवेश के बारे में जानकारी रखते हैं। “हमें पूरा विश्वास है कि इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से हम निवेशकों को एक सुलभ और विविध निवेश विकल्प के रूप में रिट को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेंगे।”

इंडियन रिट्स एसोसिएशन (आईआरए) एक गैर-लाभकारी उद्योग संगठन है। इसका गठन भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के मार्गदर्शन में किया गया है। यह संगठन भारत में रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (रिट) क्षेत्र के विकास और विस्तार को बढ़ावा देने के लिए काम करता है।

Indian REIT Sector at a Glance – Q1 FY27

  • India’s six listed REITs collectively distributed Rs. 3,136 crores to more than 4.85 lakh unitholders during Q1 FY27.
  • The Indian REIT sector had total gross Assets Under Management (AUM) of more than Rs. 3.17 lakh crore as of Q1 FY27 across six listed REITs.
  • The sector’s combined market capitalisation stood at more than Rs. 2.17 lakh crore as of August 11, 2026.
  • Together, the six REITs manage more than 214 million sq. ft. of Grade A office and retail space across India.
  • Since their respective inceptions, the listed REITs have cumulatively distributed more than Rs. 34,800 crores to unitholders, reflecting the growing role of REIT in India’s capital markets.

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