भीलवाड़ा, जिसे ‘वस्त्रनगरी’ के नाम से भी जाना जाता है, भारत के सबसे महत्वपूर्ण टेक्सटाइल उत्पादन केंद्रों में से एक के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करना जारी रखे हुए है। इसे शहर के मजबूत MSME इकोसिस्टम और निर्यात की अच्छी गति का समर्थन प्राप्त है।
भारत का प्रमुख आरबीआई-लाइसेंस प्राप्त ‘ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम’ (TReDS) प्लेटफॉर्म, M1xchange, भीलवाड़ा के बढ़ते टेक्सटाइल क्लस्टर की सहायता करना चाहता है। यह प्लेटफॉर्म इनवॉइस डिस्काउंटिंग के जरिए व्यवसायों को तेज और बिना किसी गारंटी (कोलेटरल-फ्री) के कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराता है।
शहर के टेक्सटाइल उद्योग का सालाना टर्नओवर लगभग 25,000 करोड़ रुपये है और यार्न व फैब्रिक का निर्यात करीब 3,800 करोड़ रुपये का है। यह भीलवाड़ा के टेक्सटाइल MSME के लिए व्यवस्थित और समय पर कार्यशील पूंजी समाधानों का एक बड़ा अवसर पेश करता है। भीलवाड़ा भारत के पॉलिएस्टर फैब्रिक उत्पादन का लगभग 50% हिस्सा बनाता है। यहाँ 850 से ज्यादा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं, जो कॉटन, पॉलिएस्टर, सिल्क और ऊनी कपड़ों का उत्पादन करती हैं।
यह टेक्सटाइल इकोसिस्टम राजस्थान में सीधे तौर पर करीब 85,000 लोगों को रोजगार देता है और अप्रत्यक्ष रूप से 60,000 लोगों को और काम मिलता है। यह भीलवाड़ा की राजस्थान के औद्योगिक और सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। M1xchange डिजिटल समाधानों के माध्यम से कार्यशील पूंजी की कमी को दूर करके इस क्षेत्र के एमएसएमई को बढ़ने में मदद करना चाहता है। फिलहाल राजस्थान में कृषि, टेक्सटाइल, इंफ्रास्ट्रक्चर, मेटल्स और मिनरल्स जैसी इंडस्ट्रीज M1xchange के लिए विकास के सबसे महत्वपूर्ण संचालक (ग्रोथ ड्राइवर्स) हैं।
भारत के प्रमुख आरबीआई-लाइसेंस प्राप्त TReDS प्लेटफॉर्म्स में से एक के रूप में, M1xhangeने अब तक अपने कुल कॉर्पोरेट भागीदारों में से 10% से ज्यादा और MSME भागीदारों में से लगभग 8% को राजस्थान से जोड़ा है। राज्य का M1xchange के कुल बिजनेस में करीब 10% योगदान है, जिसमें अकेले भीलवाड़ा का हिस्सा राजस्थान की स्सेदारी का लगभग 40% है।
M1xchange के प्रमोटर एवं डायरेक्टर संदीप मोहिंद्रू ने कहा, “भीलवाड़ा जैसे मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स को ऐसे समाधानों की जरूरत है जो पूरी वैल्यू चेन के लिए काम करें, बड़े टेक्सटाइल कॉर्पोरेट्स से लेकर उनके MSME सप्लायर्स तक। TReDS पर ज्यादा कॉर्पोरेट्स को जोड़कर, M1xchange उन्हें कैश फ्लो बेहतर करने, वेंडर के साथ संबंध मजबूत करने और भुगतान अनुशासन में सुधार करने में मदद करता है। वहीं MSME को बिना किसी गारंटी के जल्दी भुगतान मिल जाता है। इस नकदी (लिक्विडिटी) से छोटे बिजनेस अपनी क्षमता, टेक्नोलॉजी और विस्तार में आत्मविश्वास के साथ निवेश कर पाते हैं। हमारा फोकस राजस्थान में कॉर्पोरेट और MSME दोनों की भागीदारी बढ़ाना है, ताकि टेक्सटाइल फाइनेंसिंग सिस्टम और ज्यादा कुशल और मजबूत बने।”
M1xchange इस क्षेत्र में MSME और कॉर्पोरेट की भागीदारी बढ़ाने की योजना बना रहा है, ताकि समय पर और सस्ती लिक्विडिटी आसानी से मिल सके। अब तक M1xchange ने 2,60,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की इनवॉइस डिस्काउंटिंग की है। इस प्लेटफॉर्म पर 70,000 से ज्यादा MSME , 5,000 से ज्यादा कॉर्पोरेट और 70 से ज्यादा बैंक व एनबीएफसी जुड़े हुए हैं। कंपनी मार्च 2026 तक 1,25,000 करोड़ रुपये के थ्रूपुट वैल्यू (प्रोसेस की गई इनवॉइस की कुल वैल्यू) के लक्ष्य के करीब पहुँच गई है, जो वित्त वर्ष 2025 के 78,000 करोड़ रुपये से काफी ज्यादा है।
इसके अलावा, M1xchange ने अपनी नई ‘स्मॉल-टु-स्मॉल’ फाइनेंसिंग पहल के जरिए TReDS के दायरे को बढ़ाने की दिशा में पहली बार कदम उठाया है। इस पहल ने टियर-2 और टियर-3 के MSME को औपचारिक क्रेडिट सिस्टम में सफलतापूर्वक शामिल किया है, जिससे वे बिना किसी गारंटी के और प्रतिस्पर्धी दरों पर जल्दी पेमेंट का लाभ उठा पा रहे हैं।
अपने पूरी तरह डिजिटल TReDS प्लेटफॉर्म का उपयोग करके, M1xchange का मकसद भीलवाड़ा के MSME की मदद करना है, ताकि उनकी लिक्विडिटी मजबूत हो, ऋण अनुशासन में सुधार आए और टेक्सटाइल वैल्यू चेन में औपचारिक ऋण का इस्तेमाल तेजी से बढ़े।













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