श्री कमलनयन बजाज की 111वीं जयंती के अवसर पर, श्री शिशिर बजाज के नेतृत्व में बजाज परिवार ने एक विशेष एआई-निर्मित श्रद्धांजलि वीडियो जारी किया, जो उस महान व्यक्तित्व के असाधारण जीवन और युग को जीवंत करता है, जिन्होंने बजाज समूह की सच्ची उद्यमशील नींव रखी और भारत की आत्मनिर्भरता की यात्रा को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह स्मृति-वीडियो कमलनयन बजाज की उस यात्रा को दर्शाता है जिसमें वे महात्मा गांधी से प्रेरित एक युवा स्वतंत्रता सेनानी से एक दूरदर्शी उद्योगपति और राष्ट्रनिर्माता बने। वे मानते थे कि व्यवसाय केवल लाभ कमाने का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र की सेवा करने का एक देशभक्ति कर्तव्य है।
इस अवसर पर बजाज फाउंडेशन के चेयरमैन श्री शिशिर बजाज ने कहा, मेरे पिता का मानना था कि जो हम बनाते हैं वह टिकाऊ होना चाहिए और जो टिकाऊ हो, उसे समाज की सेवा करनी चाहिए। उनके लिए उद्योग, सार्वजनिक सेवा और सामाजिक संस्थान-तीनों राष्ट्र निर्माण के अविभाज्य स्तंभ थे। यह श्रद्धांजलि हमारी ओर से आने वाली पीढ़ियों को यह याद दिलाने का एक विनम्र प्रयास है कि मूल्य-आधारित उद्यमिता व्यवसाय और समाज दोनों को रूपांतरित कर सकती है।
एआई वीडियो यह दर्शाता है कि कैसे कमलनयन बजाज ने सचेत रूप से ऐसे उद्योगों की स्थापना की, जिन्होंने भारत की आयात पर निर्भरता को कम किया और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को उस समय साकार किया, जब यह शब्द प्रचलन में भी नहीं आया था। अभिलेखीय दृश्यों में उन्हें उत्तर प्रदेश की गोला चीनी मिल का बार-बार दौरा करते हुए दिखाया गया है, जिसे उनके पिता ने चीनी आयात को रोकने के लिए स्थापित किया था। इन दृश्यों में उनका परिवार और उनके छोटे पुत्र शिशिर भी दिखाई देते हैं, जिन्होंने आगे चलकर बजाज हिन्दुस्थान शुगर के बड़े विस्तार का नेतृत्व किया।
आज यह विरासत शिशिर बजाज और उनके पुत्रों के माध्यम से आगे बढ़ रही है, उनके बड़े पुत्र कुशाग्र बजाज, जो वर्तमान में उनके व्यवसाय पक्ष के चेयरमैन हैं, और छोटे पुत्र अपूर्व बजाज। वे कमलनयन बजाज के उस मिशन को आगे बढ़ा रहे हैं जिसमें उद्यम को सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ा गया है। बजाज समूह के औद्योगिक विस्तार से लेकर वर्धा, सीकर और ललितपुर में ग्रामीण विकास पहलों को गहराई देने तक, परिवार सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्ध बना हुआ है।













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