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भारत के टूलिंग बाजार के बढ़ने का अनुमान

डाई और मोल्ड उद्योग में नई-नई प्रगति को सामने लाने वाला डाई मोल्ड इंडिया इस साल अपने संस्‍करण को बिलकुल नए रूप में सामने लाने के लिए तैयार है। टूल एंड गेज मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (टीएजीएमए) द्वारा आयोजित 2024 एडिशन एक महत्‍वपूर्ण कार्यक्रम होगा, जो उद्योग में नए मानक स्थापित
करेगा।

भारत के टूलिंग बाजार को मुख्य रूप से देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की मजबूती से गति मिलती है। ऑटोमोटिव, एयरोस्पेस और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उद्योगों के विकास के साथ उच्च गुणवत्ता वाले टूल और डाइज की मांग में बढ़ोतरी हो रही है, जो टूलिंग बाजार को गति दे रही है। साथ ही इनमें सरकारी पहल की भूमिका अहम है। विभिन्न प्रोत्साहन और नीतिगत सुधार घरेलू और विदेशी दोनों निवेशकों को मैन्युफैक्चरिंग यूनिट या विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं, जो टूलिंग समाधानों की मांग में इजाफा कर रहा है।

टीएजीएमए के प्रेसिडेंट मंजूनाथ शेरेगर ने इंडस्‍ट्री के बारे में कहा, “मैन्युफैक्चरिंग में हैंड टूल्स की भूमिका अक्सर छिपे हुए नायक जैसी होती है, जो हर उद्योग के लिए दक्षता और सटीकता की धुरी हैं। प्रत्येक क्षेत्र में कच्चे माल को तैयार माल में बदलना इन उपकरणों द्वारा सक्षम किए जाने वाले शिल्प कौशल पर निर्भर करता है, जो उन्हें उद्योगों के संपूर्ण विकास में योगदान देने वाला बनाता है। यह केवल आंकड़ों के बारे में नहीं है, बल्कि यह उन आवश्यक उपकरणों के बारे में है जो हमारे उद्योगों और वर्कफोर्स को ट्रिलियन-डॉलर का मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर हासिल करने के सफर में आगे बढ़ने के लिए सशक्‍त बनाता है। ”

डाई मोल्ड इंडिया 2024 का आयोजन 14 से 17 फरवरी के बीच बॉम्बे एग्जीबिशन सेंटर,मुंबई में होने जा रहा है। यह प्रदर्शनी अब तक की सबसे बड़ी प्रदर्शनी होगी, जिसमें 300 से अधिक प्रदर्शक 25,000 वर्ग मीटर से अधिक के विशाल क्षेत्र में एकत्रित होंगे। इस प्रदर्शनी में डाई और मोल्ड उद्योग के विभिन्न क्षेत्रों में फैली अत्याधुनिक तकनीक, उत्पादों और समाधानों की संपूर्ण श्रृंखला को पेश किया जाएगा।

एक फरवरी 2024 को नई दिल्ली के यशोभूमि द्वारका में प्लास्टफोकस 2024 के उद्घाटन के दौरान इस वर्ष के एडिशन पर अपनी बात रखते हुए टीएजीएमए के प्रेसिडेंट देवराय मंजूनाथ शेरेगर ने कहा, “डाई मोल्ड इंडिया 2024 उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच का प्रतिनिधित्व करता है, जो हितधारकों को नवीनतम रुझानों का पता लगाने, जानकारियों का आदान-प्रदान करने और सार्थक साझेदारी का अनूठा अवसर देता है। टेक्‍नोलॉजी और उत्‍पादन प्रक्रियाओं में हुई असाधारण तरक्की को देखते हुए डाई मोल्ड इंडिया नई खोज और प्रगति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भारतीय हैंड टूल उपकरण बाजार
का मूल्य 2022 में 342.8 मिलियन डॉलर था, जिसके 4.3% सीएजीआर की वृद्धि दर के साथ 2029 तक 416.2 मिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।”

उन्होंने कहा, “2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर का मैन्‍युफैक्‍चिरिंग सेक्‍टर हासिल करने का भारत का महत्वाकांक्षी लक्ष्य केवल आंकड़ा आधारित लक्ष्य नहीं है। यह आर्थिक विकास और औद्योगिक कौशल के प्रति देश की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। 2020 से 2030 के बीच 11% की मजबूत सीएजीआर वृद्धि के बीच हैंड टूल्स और बिजली उपकरण बाजार इस गति को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैं।”

टेक्‍नोलॉजी में लगातार हो रहा इनोवेशन बाजार के विकास को गति देने वाला कारक है क्योंकि कंप्यूटर न्यूमेरिकल कंट्रोल (सीएनसी) टूलिंग, हाई-स्पीड कटिंग टूल्स और टंगस्टन कार्बाइड जैसे उन्नत मैटीरियल्स के आने से टूलिंग के दायरे का विस्तार हुआ है। इन तकनीकी प्रगति की वजह से मैन्युऱफैक्चरिंग प्रक्रिया अधिक कुशल, सटीक और तेज हुई हैं, जिसने आखिरकार बाजार को गति दी है। इसके अलावा मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट में गुणवत्ता और सटीकता पर बढ़ते जोर से टूल और डाई के नए मानक का निर्माण हो रहा है।

दुनिया का ध्यान आकर्षित करते हुए, डाई मोल्ड इंडिया 15 से अधिक विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधियों का स्वागत करने के लिए तैयार है, जिसमें 50 से अधिक ओईएम और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों के एक मजबूत प्रतिनिधिमंडल के भाग लेने की उम्मीद है। यह शानदार उपस्थिति नेटवर्किंग, सहयोग और नवाचार के वैश्विक मंच के रूप में इस आयोजन की अहमयित को सामने लाती है।