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मीशो की नॉन-जीएसटी विक्रेताओं के लिए ‘उद्योग मित्र’ पहल

भारत के एकमात्र ट्रू ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस, मीशो ने ‘उद्योग मित्र’ की शुरुआत की है। इस पहल द्वारा व्यवसाय मालिकों को ऑफ़लाइन बिक्री से ऑनलाइन बिक्री शुरू करने के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हो सकेगा। मार्गदर्शन के लिए प्रदान किए जाने वाले सत्रों में व्यवसाय को डिजिटल बनाने,प्रभावी मार्केटिंग की रणनीतियों, ग्राहकों को आकर्षित करने और ई-कॉमर्स की चुनौतियों से निपटने के बारे में जानकारी दी जाएगी। उद्योगमित्र कार्यक्रम के अंतर्गत, मीशो जयपुर से विशेषज्ञों और हाल ही में ई-कॉमर्स में उतरने वाले विक्रेताओं को एक मंच पर ला रहा है, और नॉन-जीएसटी विक्रेताओं के लिए मेंटरिंग के सत्रों का आयोजन कर रहा है।

मीशो ऑफ़लाइन से ऑनलाइन आने वाले व्यापार मालिकों के सामने आने वाली चुनौतियों को पहचानता है। यह प्लेटफ़ॉर्म हाल ही में दो महीने से भी कम समय में 25,000 से ज्यादा नॉन-जीएसटी विक्रेताओं को ऑनलाइन लाने की महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर चुका है। यह रणनीतिक कदम जीएसटी परिषद द्वारा की घोषणा के बाद उठाया गया, जिसके द्वारा ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों को 40 लाख रुपये तक के टर्नओवर वाले नॉन-जीएसटी विक्रेताओं को ऑनलाइन लाने की अनुमति मिल गई थी। इस प्रगति ने लाखों नए विक्रेताओं के लिए डिजिटल कॉमर्स में आ रही क्रांति में शामिल होना संभव बना दिया।

मेघा अग्रवाल, सीएक्सओ, बिज़नेस एट मीशो ने कहा, “जैसे-जैसे डिजिटल अनुभवों का विकास हो रहा है, वैसे-वैसे मीशो छोटे व्यवसायों को ऑनलाइन मार्केटप्लेस में उतरकर व्यवसाय करने के लिए ज़रूरी कौशल और ज्ञान प्रदान करने की ज़रूरत को पहचान रहा है। ‘उद्योग मित्र’उद्यमियों का एक समृद्ध समुदाय विकसित करने की मीशो की प्रतिबद्धता का उदाहरण है। मेंटरशिप और मार्गदर्शन की मदद से इस पहल का उद्देश्य विक्रेताओं को उनके डिजिटल सफ़र में सशक्त बनाना है, ताकि वो न केवल चुनौतियों का सामना करें बल्कि ई-कॉमर्स की गतिशील दुनिया में अपना व्यवसाय भी बढ़ा सकें। हमारी यह अनूठी पहल छोटे व्यवसायों को डिजिटल बनाने के सरकार के उद्देश्य के अनुरूप है। हम सरकार के साथ मिलकर,एक ऐसे भविष्य की कल्पना करते हैं, जिसमें हर छोटे व्यवसाय को डिजिटल परिदृश्य में पनपने,आर्थिक विकास में योगदान देने और डिजिटल रूप से समावेशी राष्ट्र को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक साधन उपलब्ध हों।”