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एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक की सीएसआर पहल

भारत के सबसे बड़े स्‍मॉल फाइनेंस बैंक, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (एयू एसएफबी) ने कर्नाटक के विजयनगर में प्रतिष्ठित इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट (आईआईएस) में बनो चैंपियन कोचेज डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत अपने ३० चयनित प्रशिक्षकों  का प्रशिक्षण पूरा किया। ये खेल प्रशिक्षक (स्पोर्ट्स कोच) एयू एसएफबी के बानो चैंपियन सीएसआर कार्यक्रम के तहत वंचित वर्ग के बच्चों के लिए प्रशिक्षण के स्तंभ हैं। आईआईएस से सर्टिफिकेशन न केवल राजस्थान के ग्रामीण युवाओं के लिए खेल प्रशिक्षण को बेहतर करेगा, बल्कि इन सभी प्रशिक्षकों को अपनी पेशेवर प्रोफाइल बेहतर करने में भी मदद करेगा।

चुने गए सभी ३० प्रशिक्षकों को अपने कौशल को जमीनी स्तर तक ले जाने के उद्देश्य से खास तौर पर प्रशिक्षण दिया गया। यह एक आवासीय कार्यक्रम था, जिसमें ४ दिनों का गहन प्रशिक्षण और एक व्यापक पाठ्यक्रम शामिल था।  पाठ्यक्रम में ताकत और कंडीशनिंग, फिजियोथेरेपी, खेल कूद के लिए पोषण, खेल चिकित्सा और कोचिंग के तरीकों सहित एथलीट विकास के अलग-अलग महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया था।

बनो चैंपियन प्रोजेक्ट- मैदान से मंजिल तक एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक की एक अनूठी सीएसआर पहल है, जिसे अक्टूबर २०२१ में लॉन्च किया गया था। इसका उद्देश्य एथलेटिक्स, फुटबॉल, थ्रो बॉल, वॉलीबॉल जैसे खेलों और स्थानीय पसंद के खेल में ग्रामीण युवाओं को विशेषज्ञ के निर्देशन में खेल प्रशिक्षण प्रदान करना है। यह कार्यक्रम तेजी से एक परिवर्तनकारी ताकत के रूप में विकसित हुआ है, जिसने राजस्थान के १६ जिलों के ६४  ग्रामीण और अर्ध-शहरी स्थानों में ८००० से अधिक बच्चों के जीवन को प्रभावित किया है। इस पहल को अलग-अलग क्षेत्रों से अपार समर्थन मिला है, जिसमें क्षेत्रीय विशेषज्ञों, एसोसिएशन निकायों और सरकार के साथ साझेदारी शामिल है। बनो चैंपियन कार्यक्रम की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं:

१) ९० प्रशिक्षित कोच और उप-प्रशिक्षक, वॉलंटियर्स  के समर्थन के साथ, महत्वाकांक्षी चैंपियंस का मार्गदर्शन कर रहे हैं।

२) ६८० युवा खेल प्रेमी राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतरीन परिणाम दे रहे हैं।

३) एक एथलीट लीमा (पेरू) में विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के लिए क्वालीफाई कर रहा है।

५) यह एक मजबूत स्पोर्ट्स टूर्नामेंट की सरंचना है जिससे गाव,जिल्हा और राज्यस्तर पर बढ़ी संख्या मे भागीदारी हो रही है

बनो चैंपियन कार्यक्रम का उद्देश्‍य सिर्फ प्रशिक्षण प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उससे कहीं अधिक है क्योंकि यह अलग-अलग स्तरों पर खेल टूर्नामेंट आयोजित करके, बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए मंच तैयार करता है। इस साल बनो चैंपियन राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन जयपुर के सवाई मान सिंह (एसएमएस) स्टेडियम में किया गया था। फाइनल में मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध पहलवान गीता फोगट के साथ, टूर्नामेंट के तहत ७ खेलों में १८०० से अधिक बच्चों ने भाग लिया। बेहतर प्रदर्शन के आधार पर कार्यक्रम के सात एथलीटों को दिल्ली स्पोर्ट्स स्कूल (डीएसएस) द्वारा चुना गया, जिससे खेल और शिक्षा के मिश्रण के माध्यम से इन बच्चों के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय अवसरों के द्वार खुल गए।

इस कार्यक्रम के सफलता पूर्वक संपन्न हो जाने पर एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के संस्थापक, एमडी और सीईओ, संजय अग्रवाल ने कहा, “हमारा मानना है कि खेल कूद में यह क्षमता है कि वह किसी भी व्यक्ति में अनुशासन पैदा कर उसके व्यक्तित्व को सशक्त बना सके। बनो चैंपियन कार्यक्रम को ग्रामीण बच्चों की खेल क्षमताओं को निखार कर उनके विकास पर ध्यान केंद्रित करने और भारत में एक जीवंत खेल संस्कृति स्थापित करने के  उद्देश्य से डिजाइन किया गया था। प्रशिक्षकों के कौशल को बढ़ाने के लिए इस ट्रेनिंग का मकसद है की बानो चैंपियन कार्यक्रम के तहत नामांकित बच्चों का विकास बेहतर हो। यह विशेष प्रशिक्षण इन सभी प्रशिक्षकों के हासिल किए गए ज्ञान को एकीकृत कर मौजूदा कोचिंग के तरीकों को बेहतर करने में सक्षम करेगा।

एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक भारत के युवाओं के जीवन में महत्वपूर्ण प्रगति करने के लिए बानो चैंपियन जैसी पहल के माध्यम से एक स्वस्थ, अधिक सक्रिय और खेल-संचालित समाज को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है।