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‘हर कदम बेटी के संग, डिजिटल राह बने सुगम’ अभियान

राजस्थान में डिजिटल क्षेत्र में गंभीर लैंगिक असमानता को दूर करने की दिशा में सशक्त प्रयास करते हुए, रूम टू रीड के बालिका शिक्षा कार्यक्रम (जीईपी) के तहत 11 से 20 अक्टूबर, 2023 के दौरान फलोदी जिले में ‘हर कदम बेटी के संग, डिजिटल राह बने सुगम’ अभियान चलाया गया।

राजस्थान ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की सीमित पहुंच और डिजिटल साक्षरता से जूझ रहा है, और ऐसी परिस्थितियों में राजस्थान सरकार के नेतृत्व वाली पहल ‘डिजिटल शक्ति’ अभियान से आशा की किरण नजर आई है। यह अभियान राज्य में महिलाओं एवं बालिकाओं को सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान देते हुए सक्रिय रूप से डिजिटल साक्षरता और सुरक्षा को बढ़ावा दे रहा है।

द टाइम्स ऑफ इंडिया (2022) के अनुसार, हाल में किए गए सर्वेक्षण के नतीजे राजस्थान में डिजिटल सशक्तिकरण की तात्कालिक आवश्यकता को उजागर करते हैं, जिसमें राज्य सरकार के ‘डिजिटल शक्ति’ अभियान की अहम भूमिका पर बल दिया गया है। वर्ष 2020-21 के NFHS-5 के आंकड़ों से पता चलता है कि राज्य में लैंगिक आधार पर इंटरनेट साक्षरता में काफी असमानता है, और इसी वजह से राजस्थान देश में 7वें स्थान पर है।

सभी को डिजिटल सुविधाओं के दायरे में लाने की तात्कालिक जरूरत को ध्यान में रखते हुए, रूम टू रीड के बालिका शिक्षा कार्यक्रम ने 2023 के लिए बड़े पैमाने पर एक अभियान शुरू किया है। “साइबर सुरक्षा के ज़रिये सशक्तिकरण: डिजिटल क्षेत्र में एजेंसी का अभिकथन” के विषय पर आधारित अभियान का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों पर विशेष ध्यान देते हुए डिजिटल साक्षरता में लैंगिक अंतर को कम करना है।

इस अभियान की शुरुआत 11 अक्टूबर को हुई, जिसके तहत डिजिटल सशक्तिकरण के साथ-साथ डिजिटल को सभी के लिए सुलभ बनाने तथा साइबर सुरक्षा को बढ़ावा देने वाली विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। स्कूलों में गठित बोल बहना समितियों ने बालिकाओं के बीच डिजिटल बातचीत को सुगम बनाया, साथ ही जिम्मेदार डिजिटल आचरण तथा डिजिटल स्पेस के नैतिक उपयोग के बारे में जागरूकता को बढ़ावा दिया। इस अभियान के तहत शिक्षा को मनोरंजन के साथ जोड़ते हुए किशोरी मेलों का भी आयोजन किया गया, जिसमें बालिकाओं ने चर्चा में भाग लिया, पोस्टरों के माध्यम से अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया तथा डिजिटल अधिकारों और सोशल मीडिया के जिम्मेदार तरीके से उपयोग पर भाषण दिए।

बालिका शिक्षा कार्यक्रम के तहत, पुलिस विभाग के सहयोग से चुनिंदा स्कूलों में साइबर सुरक्षा के विषय पर वर्कशॉप का आयोजन किया गया। 31 अक्टूबर को एक वर्कशॉप के साथ इस अभियान का समापन होगा, जिसमें “कल के डिजिटल नेतृत्वकर्ताओं का सशक्तिकरण: साइबर दुनिया के लिए युवा बालिकाओं को जीवन कौशल से लैस करना” के विषय पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

रूम टू रीड इस बात पर बल देता है कि, डिजिटल क्षेत्र में बालिकाओं को सशक्त बनाने की बात की जाए तो डिजिटल दक्षता के लिए जीवन कौशल सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। आलोचनात्मक सोच, खुद को परिस्थितियों के अनुरूप ढालने की क्षमता और प्रभावी तरीके से बातचीत करना, लोगों को डिजिटल दुनिया में अच्छी तरह आगे बढ़ते हुए व्यक्तिगत विकास और सामाजिक प्रगति में योगदान देने के लिए तैयार करता है।