Home » 7वीं प्‍लास्‍टएशिया 2022 प्रदर्शनी नई दिल्‍ली में प्रस्‍तुत करेगी प्‍लास्टिक्‍स का भविष्‍य
Business Featured

7वीं प्‍लास्‍टएशिया 2022 प्रदर्शनी नई दिल्‍ली में प्रस्‍तुत करेगी प्‍लास्टिक्‍स का भविष्‍य

छह सफल संस्‍करणों के बाद, प्‍लास्‍टएशिया 2022 प्‍लास्टिक्‍स की अग्रणी प्रदर्शनी के रूप में अपने 7वें संस्‍करण के साथ लौट आया है। यह प्रदर्शनी प्रगति मैदान, नई दिल्‍ली में 20 से 23 अप्रैल 2022 तक आयोजित होगी।

ट्राइयुन एक्जिबिटर्स प्रा. लि. द्वारा प्‍लास्टिक्‍स मशीनरी मैन्‍युफैक्‍चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (पीएमएमएआई) के साथ मिलकर आयोजित की जा रही 7वीं प्‍लास्‍टएशिया 2022 प्रदर्शनी एक ऐसा मंच होगी, जहाँ विश्‍व के सर्वश्रेष्‍ठ की तुलना भारत के सर्वश्रेष्‍ठ से की जाएगी। यह शो न केवल महत्‍वपूर्ण प्‍लास्टिक्‍स मशीनरी निर्माताओं, कच्‍चे माल के निर्माताओं, संबद्ध उद्योगों, पेट्रोकेमिकल सेक्‍टर की कंपनियों और शीर्ष स्‍तर के निर्णय-निर्माताओं के समक्ष अत्‍याधुनिक उत्‍पादों और सेवाओं के अधिकतम प्रदर्शन के लिये एक आदर्श मंच निर्मित करेगा, बल्कि व्‍यवसाय के लिये उच्‍च स्‍तर की प्रत्‍यक्ष मुलाकातों और अनुबंधों के लिये भी मददगार होगा, जो एक  संस्‍था को बहुत आगे लेकर जाएंगे।

यह आयोजन मशीनरी के निर्माताओं, कच्‍चे माल के निर्माताओं, अन्‍य संबद्ध उद्योगों, उपयोगकर्ताओं और सलाहकारों को एक मंच प्रदान करते हुए उनकी सहायता करेगा, ताकि वे नई प्रगतियों और भविष्‍यवादी प्रचलनों की समीक्षा करें, परिचालन सम्‍बंधी अनुभव साझा करें और स्‍मार्ट सिस्‍टम्‍स की जरूरतों पर चर्चा करें।

ट्राइयुन एक्जिबिटर्स के प्रबंध निदेशक श्री साइरिल परेरा ने कहा, “पिछले 20 वर्षों में प्‍लास्‍टएशिया की प्रदर्शनियों ने प्‍लास्टिक्‍स में सबसे नये नवाचारों को जानने, लाइव डेमॉन्‍स्‍ट्रेशन देखने, विचारों को साझा करने और सबसे महत्‍वपूर्ण, ऑर्डर पाने के लिये एक आदर्श जगह के तौर पर अपनी साख बनाई है।”

हाल के वर्षों में बाजार की वृद्धि और विविधता के कारण भारतीय प्‍लास्टिक्‍स उद्योग ने तेज विकास किया है। बाजार की नई रिपोर्ट्स से पता चलता है कि महामारी के बाद के समय में यह उद्योग मांग में वृद्धि दर्ज कर सकता है। डायरेक्‍टोरेट जनरल ऑफ कमर्शियल इं‍टेलिजेंस एंड स्‍टैटिस्टिक्‍स (डीजीसीआईएस) ऑफ इंडिया के अनुसार, भारतीय प्‍लास्टिक्‍स उद्योग के पास 2,000 से ज्‍यादा निर्यातक हैं।

प्‍लास्टिक्‍स मशीनरी मैन्‍युफैक्‍चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (पीएमएमएआई) के प्रेसिडेंट और ममता ग्रुप के चेयरमैन श्री महेन्‍द्रभाई पटेल ने कहा, “वित्‍त वर्ष 2020 में भारत से 7.045 बिलियन अमेरिकी डॉलर के प्‍लास्टिक्‍स का निर्यात हुआ था, जिसमें सबसे ज्‍यादा 2.91 बिलियन अमेरिकी डॉलर का योगदान प्‍लास्टिक के कच्‍चे माल का था, जिसके बाद प्‍लास्टिक शीट्स, फिल्‍म्‍स और प्‍लेट्स को मिलाकर 1.22 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निर्यात हुआ और पैकेजिंग मटेरियल्‍स 722.47 मिलियन अमेरिकी डॉलर के निर्यात हुए थे।”

इधर प्‍लास्टिक प्रोसेसिंग की लगभग 50,000 यूनिट्स हैं, जिनमें से 85-90% छोटे और मझोले आकार के उद्यम हैं, 7000 रिसाइकलिंग यूनिट्स और अनगिनत अंतिम उपयोगकर्ता हैं। यह सभी देश में एक प्रभावशाली उद्योग श्रृंखला सुनिश्चित करते हैं। इन उद्यमों में 4 मिलियन से ज्‍यादा लोगों को रोजगार मिलता है।