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एबॅट ने साझेदारियों की घोषणा की

ग्लोबल हेल्थकेयर के क्षेत्र में अग्रणी, एबॅट ने डायबिटीज मैनेजमेंट की संपूर्ण देखभाल के एक नई युग की शुरुआत के लिए प्रमुख हेल्थटेक पार्टनर्स बीटओ, शुगर डॉट फिट (Sugar.fit) फार्म ईजी,जीओक्यूआईआई, 1एमजी, जाइला हेल्थ, हेल्थिफाई मी और फिटरफ्लाई के साथ नई साझेदारी की है। इस पार्टनरशिप से एबॅट का उद्देश्य डायबिटीज के 8 मिलियन (80 लाख) मरीजों को अपने ग्लूकोज लेवल पर निगरानी रखने के सोल्यूशन प्रदान करना है। इसमें से तकरीबन 6.5 मिलियन यूजर्स फार्म ईजी और 1 एमजी सेइन सोल्यूशंस तक पहुंच  बना सकते हैं। कंपनी ने अपने पूरा ध्यान मरीजों के अनियंत्रित ब्लड ग्लूकोज लेवल को कंट्रोल करने पर रखा है। इसके साथ ही दूरदराज के इलाके में मरीजो को स्पेशलिस्ट डॉक्टर से परामर्श, डायबिटीज की खास कोचिंग और बेहतर डाइट प्लान देने पर भी कंपनी ने  खास तवज्जो दी है।

भारत में दूसरे नंबर पर विश्व में सबसे ज्यादा डायबिटीज के मरीज हैं। हाल की स्टडीज में यह सामने आया कि महामारी के कारण गैर संक्रामक रोगों के मरीजों को अपने स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। डायबिटीज के 87 फीसदी मरीजों ने महामारी के कारण अस्पताल जाना कम कर दिया है। डायबिटीज के आधे से भी कम मरीजों के पास घर में ब्लड ग्लूकोज मॉनिटरिंग डिवाइस है, जिससे उनके लिए हालात पर काबू रखना मुश्किल हो गया। स्टडी में टाइप टु डायबिटीज के मरीजों को, जिन्हें इंसुलिन की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ती है, के संबंध में कहा गया कि सेंसर बेस्ड डिवाइसेज के कम से कम तीन महीने के इस्तेमाल के बाद मरीजों के HbA1c (हीमोग्लोबिन ए1सी) लेवल में 8.9 से 8 प्रतिशत की गिरावट आई है।

एबॅट में डायबिटीज केयर बिजनेस के जनरल मैनेजर कल्याण सत्तारू ने कहा, “इधर कई सालों से लगातार रिसर्च और रणनीतिक साझेदारियों ने डायबिटीज को मैनेज करना आसान बनाया है और उसे मजबूती दी है। नई डायबिटीज टेक्नोलॉजी ने मरीजों को सोच-समझकर उचित निर्णय लेने की दिशा में नई राह तैयार की है। फ्रीस्टाइल लिब्रे से हमारे पार्टनर ब्रैंड्स के प्रॉडक्ट्स को जोड़कर यूजर्स आपस में जुड़े हुए सिस्टम के तहत अपने ब्लड ग्लूकोज का डेटा आसानी से हासिल करने के काबिल होंगे। 

बीटओ के सीईओ और सहसंस्थापक गौतम चोपड़ा ने कहा,“बीटओ ऐप इकोसिस्टम के साथ एबॅट फ्रीस्टाइल लिब्रे का लाभ उठाने से हमारे यूजर्स को सटीक डेटा के साथ ब्लड ग्लूकोज लेवल को प्रभावी तरीके से मैनेज और कंट्रोल करने के लिए अमल में लाने योग्य उपयोगी नजरिया मिलेगा। हम अपने यूजर्स के लिए डायबिटीज मैनेजमेंट को ज्यादा प्रभावी और सुविधाजनक बनाने का लगातार प्रयास कर रहे हैं और यह प्रोग्राम उसी की दिशा में अगला कदम है।”

शुगर डॉट फिट (Sugar.fit) के सीईओ और सहसंस्थापक मदन सोमसुंदरम ने कहा,“ शुगर डॉट फिट (Sugar.fit) में हमारा मिशन लंबे समय से बीमारियों से बूझ रहे लोगों को स्वस्थ जीवन जीने में सक्षम बनाना और पुरानी मेटाबॉलिक गड़बड़ियों को ठीक करना है। टेक्‍नोलॉजी साइंस और मरीजों की कोचिंग से जुड़ी है, जिससे लाखों भारतीय पूरी तरह से उपभोक्ता-केंद्रित आंकड़ों से लैस डिजिटल तरीके से अपने ब्‍लड ग्लूकोज लेवल को मैनेज करने में मदद हासिल कर सकते हैं। इससे टाइप टु डायबिटीज से पीड़ित मरीजों की इंसुलिन संवेदनशीलता में लंबे समय तक सुधार (रिवर्स डायबिटीज) देखने को मिल सकता है।”