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एचपी इंडिया फ्यूचर ऑफ लर्निंग स्‍टडी 2022

महामारी के चलते भारत के शिक्षा तंत्र में भारी व्‍यवधान पैदा हुए। इसके परिणामस्‍वरूप ऑनलाइन लर्निंग का जो मॉडल सामने आया है उसने क्‍लासरूम टीचिंग के मोर्चे पर काफी बदलाव किए हैं। एचपी इंडिया फ्यूचर ऑफ लर्निंग स्‍टडी 2022 के अनुसार, सर्वे में शामिल 98% अभिभावकों और 99%शिक्षकों का मानना है कि ऑनलाइन शिक्षा जारी रहने की वजह से ही पढ़ाई-लिखाई में निरंतरता बनी रही। सच तो यह है कि, 91% छात्रों का मानना है कि ऑनलाइन लर्निंग एक तरह से पारंपरिक क्‍लासरूम लर्निंग की पूरक है।

परिणामस्‍वरूप, छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के स्‍तर पर हाइब्रिड लर्निंग मॉडल पसंदीदा विकल्‍प बनकर उभरा है और वे चाहते हैं कि पारंपरिक क्‍लासरूम टीचिंग शुरू होने के बाद भी यह व्‍यवस्‍था किसी न किसी रूप में जारी रहनी चाहिए।

हाइब्रिड लर्निंग मौसम की विषम परिस्थितियों तथा अन्‍य कानून-व्‍यवस्‍था जनित स्थितियों के चलते आवागमन में उत्‍पन्‍न व्‍यवधानों के बावजूद लर्निंग की प्रक्रिया पर पड़ने वाले असर को कम करती है

प्रदूषण, अत्‍यधिक गर्मी, बाढ़ या अन्‍य किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा की वजह से कई बार बिना किसी पूर्व सूचना के स्‍कूलों को बंद करने की नौबत आती रही है। लेकिन हाइब्रिड लर्निंग को अपनाने से पढ़ाई की प्रक्रिया निर्बाध रूप से जारी रह सकती है।

केतन पटेल, एमडी, एचपी इंडिया ने कहा, ”इस चुनौतीपूर्ण दौर में टैक्‍नोलॉजी ही सहारा बनकर उभरी है और यह असर लर्निंग के क्षेत्र में भी लागू होती है। हाइब्रिड लर्निंग मॉडल में ऑनलाइन तथा पारंपरिक कक्षाओं में व्‍यक्तिगत इंटरेक्‍शंस का मेल होता है जिससे लर्निंग क्‍वालिटी बेहतर बनती है। डिजिटल लर्निंग के चलते छात्र-शिक्षक इंटरेक्‍शंस भी बेहतर हुए हैं और साथ ही, हरेक पक्ष की सुरक्षा और सुविधा भी सुनिश्चित हुई है। इस दौरान, छात्रों और शिक्षकों ने बेहतर कार्य-जीवन संतुलन को हासिल किया, कार्यकुशलताओं में सुधार हुआ और समझ आधारित इंस्‍ट्रक्‍शन डिलीवरी का लाभ भी मिला।एचपी इंडिया फ्यूचर ऑफ लर्निंग स्‍टडी 2022 के आधार पर, हमारा मानना है किडिजिटल लर्निंग से अधिक दक्ष एवं प्रभावी लर्निंग मॉडल तैयार करने में मदद मिलेगी।”

ऑनलाइन लर्निंग से शिक्षा तक आसान पहुंच ऑनलाइन लर्निंग की शुरुआती चुनौतियों के बावजूद, यह व्‍यवस्‍था छात्रों के लिए काफी सुविधाजनक है और उन्‍हें अपने समय पर नियंत्रण तथा लचीलेपन जैसे लाभ देती है। छात्रों (61%), अभिभावकों (65%) तथा शिक्षकों (81%)का मानना है कि ऑनलाइन लर्निंग से छात्र अपनी सुविधानुसरा अपनी गति से पढ़ सकते हैं। छात्रों (63%)से लेकर शिक्षकों (57%)  और अभिभावकों (61%)के बीच भी वीडियो कन्‍टेंट सर्वाधिक पसंदीदा फॉर्मेट बन चुका है।

छात्रों और शिक्षकों पर डिजिटल लर्निंग का प्रभाव हालांकि शिक्षकों का मानना है कि ऑनलाइन लर्निंग से मिलने वाले फायदों में कार्य-जीवन संतुलन प्रमुख है, सर्वे में शामिल 82% ने कहा कि उन्‍हें ऑनलाइन लर्निंग को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अधिक टूल्‍स की आवश्‍यकता है जबकि 74% का मानना है कि उन्‍हें शिक्षण दक्षताओं को बेहतर बनाने के लिए टैक्‍नोलॉजी आधारित टूल्‍स का प्रयोग करने संबंधी अधिक प्रशिक्षण चाहिए।

कोविड-19 की वजह से सीमित सामाजिक मेल-मिलाप ने सबसे ज्‍यादा प्रभावित किया है। छात्र अपने स्‍कूलों में वापसी करने और अपने दोस्‍तों से मिलने-जुलने, खेल-कूद तथा अन्‍य गतिविधियों में भाग लेने को आतुर हैं।

पीसी बना हाइब्रिड लर्निंग मॉडल का आदर्श विकल्‍प प्रतिभागियों के स्‍तर पर, 88% शिक्षकों, 72% छात्रों और 89% अभिभावकों का मानना है कि छात्रों के लिए डिजिटल लर्निंग की दृष्टि से पीसी आदर्श विकल्‍प होते हैं। 79%शिक्षकों ने तेजी से ऑनलाइन लर्निंग की प्रक्रिया में दक्ष बनने के लिए पीसी को अपनाने की सलाह दी है।

प्रिंटर से छात्रों की लर्निंग और क्रिएटिविटी में मदद मिलती है प्रतिभागियों में, 75% शिक्षक प्रिंटरों को डॉक्‍यूमेंट्स एवं होमवर्क सबमिशन के लिहाज़ से पसंदीदा साधन मानते हैं। इसी तरह, लर्निंग कोअनुभवात्‍मक लर्निंग में बदलने की प्रक्रिया में छात्रों के लिए सर्वांगीण अनुभव तैयार करने की दृष्टि से भी छात्र और शिक्षक प्रिंटरों को शिक्षण में सहायक उपकरण के तौर पर देखते हैं। हालांकि 82% छात्रों को लगता है कि वे प्रिंटरों की मदद से बेहतर परिणाम हासिल कर सकते हैं। इसी तरह, नोट्स और प्रेक्टिस शीट्स की सुलभता के चलते भी शिक्षक, छात्र और अभिभावक इन्‍हें बेहतर समझते हैं।

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